बागेश्वर। शहर के कूड़ा निस्तारण को लेकर हो रहे विरोध के बाद प्रशासन ने कूड़ा निस्तारण का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया है। इसके तहत फिलहाल नगरपालिका कूड़ा उठाएगी और निस्तारण जिला प्रशासन स्वयं करेगा। शनिवार को छठे दिन कूड़े की सफाई होने से शहर के लोगों ने राहत महसूस की।
पुलिस और ग्रामीणों के विरोध के कारण पांच दिनों तक शहर के कूड़े का निस्तारण नहीं हो पाया था। इससे कई जगह पर कूड़े के ढेर लग गए थे। इन कूड़े के ढेरों से दुर्गंध उठने के कारण शहरवासी परेशान हो गए थे। कूड़ा निस्तारण को लेकर लगातार हो रहे विरोध से खिन्न नगरपालिका ने शनिवार से कूड़ा नहीं उठाने का अल्टीमेटम दे दिया था।
इससे हरकत में आए जिला प्रशासन ने नगरपालिका अध्यक्ष से वार्ता कर कूड़ा उठाकर प्रशासन को सौंपने की बात कही। इसके बाद शनिवार को नगर के सभी क्षेत्रों से कूड़े की सफाई की गई। नगरपालिका की ओर से कूड़े से भरे वाहन प्रशासन को सौंप दिए गए।
इसके बाद प्रशासन ने स्वयं की देखरेख में कूड़े का निस्तारण किया। एसडीएम फिंचाराम चौहान ने बताया कि कूड़े के निस्तारण के लिए स्थल चयन की कार्रवाई चल रही है। जल्दी ही उचित समाधान निकले इसके प्रयास किए जा रहे हैं।
बागेश्वर। ग्रामीणों के विरोध के कारण पैदा हुई कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान को लेकर नगरपालिका में व्यापार संघ, नागरिक मंच, सभासद सहित विभिन्न संगठनों की बैठक हुई। इसमें कूड़ा निस्तारण को लेकर स्थल चयन पर भी मंथन हुआ।
नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल ने कहा कि कूड़ा फेंकने पर रोक के कारण बड़ी समस्या पैदा हुई है। नया स्थल चयन को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें प्रशासन, नगरपालिका, वन विभाग, सिंचाई विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरन रावत ने दफौट सड़क में ही कूड़ा निस्तारण के लिए एक स्थल का सुझाव दिया। पालिकाध्यक्ष ने प्रशासन से इस बारे में वार्ता करने की बात कही। बैठक में ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, नागरिक मंच के अध्यक्ष पंकज पांडेय, व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी, दीप जोशी, नागेश्वरी जोशी, भगवत रावल आदि थे।