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बागेश्वर के दुर्गा पूजा महोत्सव में दिखेगी गुजराती संस्कृति की झलक

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बागेश्वर में मां दुर्गा की मूर्ति तैयार करते मूर्तिकार जगदीश नारायण। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। नुमाइशखेत मैदान में इस बार दुर्गा पूजा महोत्सव में गुजराती और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। कमेटी पहली बार महोत्सव के दौरान गरबा और पारंपरिक झोड़ा-चांचरी का आयोजन कराने जा रही है। इन दिनों महोत्सव की तैयारियां और मूर्तियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। सात अक्तूबर की सुबह 10 बजे कलश यात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा।
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दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष बृज किशोर वर्मा ने बताया कि महोत्सव के लिए कलाकार जगदीश नारायण मूर्ति निर्माण कर रहे हैं। महोत्सव सात से 15 अक्तूबर तक चलेगा। इस दौरान सुबह और शाम मां दुर्गा की पूजा की जाएगी। शाम को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। पंचमी के दिन 10 अक्तूबर को गरबा का आयोजन किया जा रहा है। 11 अक्तूबर को झोड़ा-चांचरी कराई जाएगी। 13 अक्तूबर को महा अष्टमी के दिन सरयू नदी श्रृंगार और दीपदान होगा। 14 अक्तूबर को हवन के साथ सायंकाल सूक्ष्म भंडारा कराया जाएगा। 15 अक्तूबर को मां दुर्गा के डोले के साथ नगर भ्रमण और सायंकाल सरयू नदी में ब्रह्मकपाली शिला के समीप मूर्ति विसर्जन के साथ महोत्सव संपन्न होगा।
पशुबलि पर पूर्ण रोक की मांग
अल्मोड़ा। नवरात्र के अवसर पर मंदिरों में होने वाली पशु बलि पर पूर्ण रोक लगाने की मांग को लेकर गायत्री परिवार ने डीएम को ज्ञापन सौंपा है। गायत्री परिवार के सदस्यों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कुछ मंदिरों में अभी भी श्रद्धालु चोरी छिपे पशुओं की बलि देने का प्रयास करते हैं। इसे रोकने के लिए मंदिरों में पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल लगाया जाए। वहां पर सरोज भट्ट, निर्मला अधिकारी, भीम सिंह अधिकारी, सरोज मेलकानी, मंजू जोशी, दीपा जोशी आदि थे।
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