गरुड़ ब्लॉक के मन्यूड़ा गांव के लिए बनी पेयजल योजना के मुख्य स्रोत के समीप से दूसरे गांव के लिए पानी की लाइन डालने पर ग्रामीण भड़क गए हैं। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी से तत्काल इस पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगी तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
मन्यूड़ा की ग्राम प्रधान तारा देवी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि गांव के पांच सौ परिवार और मवेशी हुनेरा गधेरे के पानी पर निर्भर हैं। 2011 में स्वैप योजना के तहत गांव के लिए पानी की लाइन बनाई गई है। इस बीच पुरड़ा ग्राम पंचायत के लिए इसी योजना के समीप से पानी की लाइन दी जा रही है। यदि इस स्थान से दूसरी पेयजल योजना शुरू की गई तो उन्हें गंभीर जल संकट से जूझना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रदर्शन करने के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालों में तारा दत्त खुल्वे, एनडी पंत, सोहन चंद्र कंसेरी, बसंत खुल्वे, आनंद पांडे, दीपक पाठक, कुंदन नेगी, रघुवीर सिंह, भवानी राम, पंकज कंसेरी, खीमानदं खुल्वे, पंकज साह, कलावती जोशी, कमल साह आदि शामिल थे।
एसडीएम ने अग्रिम आदेेश तक पुर्ननिर्माण कार्य पर लगाई रोक
गरुड़ (बागेश्वर)। मन्यूड़ा और पुरुड़ा के ग्रामीणों के बीच पेयजल स्रोत को लेकर उपजे विवाद को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने अग्रिम आदेश तक पुरुड़ा पेयजल योजना के पुर्ननिर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया कि तहसीलदार दयाल चंद्र टम्टा ने मन्यूड़ा और पुुरुड़ा पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर लिया है। वह भी शीघ्र दोनों गांवों के पेयजल स्रोतों का निरीक्षण करेंगे।