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छात्रसंघ अध्यक्ष सहित चार छात्रों ने आत्मदाह का प्रयास किया 

Thu, 24 Aug 2017 09:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  बागेश्वर।
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कॉलेज में पुतला फूंकते एनएसयूआई कार्यकर्ता।  - फोटो : अमर उजाला
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स्नातक में सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर पीजी कॉलेज बागेश्वर के छात्रसंघ अध्यक्ष सहित चार छात्र नेताओं ने खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। एनएसयूआई का एक छात्र पेड़ पर चढ़ गया, जबकि कुछ छात्र नेताओं ने कॉलेज की छत से कूदने का प्रयास किया। इससे महाविद्यालय में अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी छात्र नेताओं को काबू किया। 
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बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे जैसे ही महाविद्यालय खुला एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने स्नातक स्तर में सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर उच्च शिक्षा मंत्री, कुलपति और प्राचार्य का पुतला फूंका। इसके साथ ही कुछ छात्र नेताओं ने महाविद्यालय में तालाबंदी शुरू कर दी। एनएसयूआई का एक छात्र हिमांशु परिहार सीटें नहीं बढ़ाने पर पेड़ पर चढ़कर कूदने की धमकी देने लगा। छात्रों के हंगामे की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस फोर्स महाविद्यालय पहुंच गई। 

इधर, एबीवीपी के छात्र नेताओं ने महाविद्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। इसी बीच छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक गस्याल और राजेंद्र दानू ने खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। इसी बीच परिषद के दो और छात्रों सांस्कृतिक परिषद के सचिव पंकज मनराल और सुरेंद्र नेगी ने भी खुद पर मिट्टी तेल उड़ेल लिया और और माचिस लेकर भागने लगे। वहां पर मौजूद एलआईयू और पुलिस के जवानों ने उन दोनों को भी किसी तरह काबू कर लिया। इसके बाद आत्मदाह का प्रयास करने वाले छात्र संघ अध्यक्ष सहित चारों छात्र कॉलेज की छत पर चढ़कर वहां से कूदने की धमकी देने लगे। इससे एक बार फिर अफरातफरी मच गई। हंगामा बढ़ते देख और पुलिस फोर्स बुलवा ली गई। फायर सर्विस और डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पेड़ पर चढ़े छात्र नेता को नीचे उतारा। 
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एडीएम राहुल गोयल, सीओ वीर सिंह और प्राचार्य के समझाने के बावजूद आंदोलनकारी छात्र नेता किसी की भी सुनने को तैयार नहीं हुए। छात्रों ने वार्ता के लिए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। स्थिति और बिगड़ते देख प्राचार्य डॉ. एससी पंत ने उच्च शिक्षा निदेशक से फोन पर वार्ता कर कॉलेज के हालात बताए। निदेशालय से सीटें बढ़ाने का पत्र फैक्स के माध्यम से आने के बाद प्राचार्य ने आंदोलनकारी छात्रों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद ही छात्र नेता शांत हुए। इस दौरान महाविद्यालय में सीओ वीर सिंह, कपकोट के सीओ महेश जोशी, कोतवाल टीआर वर्मा आदि थे। 

बीएससी में 70, बीए में 80 सीटें बढ़ी 
बागेश्वर। छात्र संगठनों के उग्र आंदोलन के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने राजकीय महाविद्यालय बागेश्वर में बीए और बीएससी में सीटें बढ़ाने की अनुमति दे दी। प्राचार्य डॉ. एससी पंत ने बताया कि बीएससी में 70-70 सीटें और बीए के हर विषय में 80-80 सीटें बढ़ा दी गई हैं। बी.कॉम में कोई सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं। प्राचार्य ने बताया कि प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 अगस्त निर्धारित की गई है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से समय पर ऑनलाइन प्रवेश के लिए आवेदन करने को कहा है। 

छात्र संगठनों में श्रेय लेने की होड़ 
बागेश्वर। एबीवीपी और एनएसयूआई का आंदोलन सफल रहा। सीटें बढ़ने से जहां छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल है, वहीं विश्वविद्यालय की ओर से सीटें बढ़ाने के मामले में छात्र संगठनों में श्रेय लेने की होड़ भी शुरू हो गई है। एबीवीपी जहां इसे परिषद के प्रयास बता रही है, वहीं एनएसयूआई के छात्र नेताओं का कहना है कि उनके आंदोलन से सीटें बढ़ी हैं। 
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