मूसलाधार बारिश से जिले में चार मकान ध्वस्त हो गए। इनमें से एक परिवार को प्राथमिक पाठशाला में शिफ्ट किया गया है, जबकि एक परिवार ने पड़ोसी के घर में शरण ली है। बारिश से आधा दर्जन सड़कों पर मलबा आ गया। मलबा आने से बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग पर यातायात तीन घंटे बाधित रहा।
जिले में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से मंडलसेरा में रात करीब 11 बजे भागीरथी के पास उमेद राम के मकान का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया। इससे परिवार के सदस्यों में दहशत मच गई। परिवार में शामिल पांच सदस्यों ने पड़ोसियों के घर में शरण ली। सुबह राजस्व विभाग की टीम ने निरीक्षण के बाद खतरे को देखते हुए उमेद राम के परिवार को प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट कर दिया।
उधर, कपकोट के पोथिंग नायल में बसंती देवी का घर ध्वस्त हो गया। हादसे में बसंती देवी बाल-बाल बच गईं। बसंती देवी ने परिवार के सदस्यों के साथ पड़ोस के घर में शरण ली है। इसके अलावा कपकोट के ही कन्यूटी गांव में खिला देवी और केवलानंद के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मकान ध्वस्त होने से ग्रामीणों को भारी क्षति हुई है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से शीघ्र उन्हें मुआवजा देने की मांग की है।
वहीं, मूसलाधार बारिश के कारण बागेश्वर-कपकोट सहित जिले की आधा दर्जन सड़कों पर मलबा आ गया। बागेश्वर-कपकोट सड़क पर हरसीला के पास लगातार पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। सोमवार को भी बार-बार मलबा गिरने से करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
इसके अलावा भयूं-गुलेर, कलनाबैंड-पंत क्वैराली, पोथिंग-भयात, हरिनगरी-कुलांऊ मोटर मार्गों पर भी मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ। कपकोट-पिंडारी, और कौसानी-भतेड़िया मोटर मार्ग पर पिछले कई दिनों से यातायात बंद है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल के अनुसार सभी बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है। इधर, सोमवार को भी दिनभर बारिश का क्रम जारी रहा। दिनभर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। बरसात के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।