पल्ला कमस्यार क्षेत्र और कपकोट के गांवों में हुई ओलावृष्टि से रबी की फसल और सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है। तूफान और बारिश से नरगोली ग्राम पंचायत के देवलेत तोक में एक मंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बृहस्पतिवार की शाम को पल्ला कमस्यार क्षेत्र के चंतोला, नरगोली, ठांगा, तुषरेड़ा, सिमायल, औलानी, बगराटी, कपूरी, धौलियापाटा, रावतसेरा, कोटभंडार, पैठाण, अठपैसिया, नौलियागांव, भंडारीसेरा, करेड़िया, माणा दिगोली आदि गांवों में तेज गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। ग्रामीणों ने बताया कि 50 से 120 ग्राम वजन के ओले उन्होंने पहली बार देखे। ओलावृष्टि से गेहूं, जौ, मसूर की फसल के साथ खेतों में बोई सब्जियां भी चौपट हो गई।
कपकोट ब्लाक के ग्राम पंचायत के कपकोट, ऐठान, खडगड़ा, बैड़ा, पांकड़ में भी ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। तूफान के साथ हुई बारिश सेग्राम पंचायत नरगोली के देवलेत तोक निवासी पुष्कर राम एक मंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के दौरान मकान में रह रहे लोगों ने वहां से भागकर जान बचाई। घर का सारा सामान और अनाज मलबे में दब गया। ग्राम प्रधान अनिल रौतेला और बीडीसी सदस्य कुंदन बोरा और पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंकर ने शासन प्रशासन से ओलावृष्टि प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है।