रविवार को बागेश्वर के नुमाइशखेत में जुटी मेलार्थियों की भीड़।
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13 जनवरी से शुरू हुआ उत्तरायणी मेला भले ही आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया हो लेकिन मेले में अभी भी लोगों की खूब भीड़ उमड़ रही है। अभी भी कई व्यापारी मेले में दुकानें लगाए बैठे हैं। रविवार को सरयू और गोमती बगढ़ सहित नुमाइशखेत में लगी दुकानों से जमकर खरीदारी की।
सरयू-गोमती संगम पर आयोजित होने वाला उत्तरायणी मेला धार्मिक व सांस्कृतिक होने के साथ ही व्यापारिक महत्व का है। 13 जनवरी को उत्तरायणी मेले की शुरुआत हुई थी। 18 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन हो गया था। परंतु मेले में अभी भी व्यापार जारी है। हालांकि अधिकांश व्यापारी अब यहां से जा चुके हैं। इसके बाद भी मैदानी क्षेत्रों से आए कई व्यापारी अभी भी मेला स्थल में डटे हुए हैं। रविवार को भी मेले में भारी भीड़ जुटी। नुमाइशखेत में बड़ी संख्या में मेलार्थी पहुंचे।
लोगों ने सरयू, गोमती बगढ़ से लेकर नुमाइशखेत तक लगी दुकानों से भी जमकर खरीददारी की। इसके अलावा झूले और चरखे का आनंद भी उठाया। जिला पंचायत परिसर और जिला अस्पताल रोड में भी लोगों ने खरीदारी की। मेले में मुनस्यारी और धारचूला क्षेत्र से आया राजमा सहित अन्य जड़ी बूटियों की भी बिक्री हो रही है। देर शाम तक मेला स्थल में खूब भीड़भाड़ रही।