बागेश्वर। जिले के जंगल धधक रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक भीषण आग से वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। वनस्पति और वन्य जीवों पर संकट गहराने लगा है। वन विभाग और दमकल विभाग के कर्मचारी वनाग्नि को नियंत्रित करने में जुटे हैं। बावजूद इसके संकट कम नहीं हो रहा है।
बृहस्पतिवार की शाम से रात तक जिला मुख्यालय में कलक्ट्रेट के समीप जंगल जलता रहा। कांडा के कभड़ा और दाणूथल में भी आग से जंगलों को नुकसान हुआ। गरुड़ के रमतटिया, भेटा, झालामाली, कोटफुलवारी क्षेत्र में जंगल जलते रहे। दुगनाकुरी के दोफाड़ और काफलीगैर तहसील क्षेत्र के धूराफाट में भी जंगलों के जलने का सिलसिला जारी रहा। भीषण आग से इमारती लकड़ी, औषधि और चारा प्रजाति के पौधे, छोटे वन्य जीव जलकर नष्ट हो रहे हैं। हिंसक जीव जंगल छोड़कर आबादी की तरफ धमक रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के हरे वन काले पड़ चुके हैं। वातावरण में फैला धुआं सेहत को नुकसान कर रहा है।
इनसेट
स्कूल तक पहुंची जंगल की आग
गरुड़। तहसील क्षेत्र के कज्यूली गांव के जंगल में लगी आग प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने समय रहते आग को काबू किया और बड़ा नुकसान होने से बचाया। टीम ने गरुड़-मोटर मार्ग तक पहुंच रही वनाग्नि को भी नियंत्रित किया। संवाद