बागेश्वर के पालनीकोट के जंगल में लगी आग को बुझाते फायर सर्विस के जवान। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। जिले में जंगलों की आग बढ़ती जा रही है। जिला मुख्यालय से लेकर गरुड़ और कांडा तहसील के जंगल सुलग रहे हैं। आग से जहां वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं घाटी वाले इलाकों में धुंध छाने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
अप्रैल का दूसरा सप्ताह शुरू होने तक तक ही जिले में वनाग्नि की 51 घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं में 68.97 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। शुक्रवार रात जिला मुख्यालय के पालनीकोट, जौलकांडे के जंगलों में आग लगी। छतीना रेंज में बिलखेत, मनकोट के जंगल भी धधक रहे हैं। गरुड़ के बैजनाथ रेंज के जंगलों में कई स्थानों पर आग लगी है। शनिवार को भी बैजनाथ के जंगल दिन में सुलगते रहे। वनाग्नि के कारण कीमती वन संपदा जलकर राख हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में चारा पत्ती के जलने से पशुपालकों की दिक्कतें भी बढ़ रही हैं। आग से फैली धुंध के कारण आंख और सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
फायर सर्विस ने बुझाई पालनीकोट के जंगल की आग
बागेश्वर। जिला मुख्यालय के पास पालनीकोट गांव के जंगल में शुक्रवार रात लगी आग को फायर सर्विस के जवानों ने काबू किया। एफएसएसओ महेश चंद्र के निर्देशन में जवानों ने आग पर काबू किया। इस मौके एलएफएम महेंद्र सिंह, एफएम सुशील कुमार, प्रकाश चंद्र, सुखदेव सिंह, जितेंद्र पाल मौजूद रहे।
वनाग्नि को काबू करने के लिए विभागीय कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों को वनाग्नि सुरक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है। वनों में आग लगाने वालों पर नजर रखी जा रही है। आग लगाते पकड़े जाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु बागरी, डीएफओ बागेश्वर