बागेश्वर। तापमान बढ़ने के साथ ही वनों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। मंगलवार को जनपद के तीन वन्य क्षेत्रों में आग धधक उठी। रात भर वनों के जलने से लाखों की वन्य संपदा की क्षति का अनुमान है। चीड़ के वनों में धधकती आग को बुझाना वन विभाग के लिए भी चुनौती साबित हो रहा है।
मंगलवार की देर शाम बागेश्वर जिले के जौलकांडे, विजयपुर, चिरपतकोट के जंगलों में आग धधक उठी। चीड़ की सूखी पिरूल होने के कारण यह जंगल रात भर जलते रहे। इसके अलावा कपकोट क्षेत्र के दोफाड़, नाकुरीपट्टी, कांडा कमस्यार और गडेरा क्षेत्र के कई जंगल आग की चपेट में आ गए।
वनों के लगातार आग की चपेट में आने से अब तक लाखों की वन्य संपदा का नुकसान हो चुका है। सूखी पिरूल में आग से उठने वाली लपटें के विकराल होने से वन विभाग के फायर वाचर भी आग पर काबू नहीं पा सके। बुधवार को भी जिले के जंगल आग से धधकते रहे। कुछ स्थानों पर चीड़ और बांज के मिश्रित वनों में भी आग लगी हुई है। आग से वनों के साथ ही पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। वनों में आग के कारण वातावरण में धुंध छाने लगी है।