तहसील क्षेत्र के अंतिम गांव कुंवारी में बिन बारिश आई आपदा रुकने का नाम नहीं ले रही है। वहां पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला अब भी जारी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में एक कानूनगो और एक पटवारी को मौके पर तैनात किया है। उन्हें आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दो सैटेलाइट फोन दिए गए हैं।
इधर उपजिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने गांव के प्रभावितों के विस्थापन के लिए ग्राम पंचायत बमसेरा के नेली में जमीन देखी है। एसडीएम ने बताया कि राज्य सरकार की इस भूमि का भू-वैज्ञानिकों से परीक्षण कराकर प्रस्ताव शीघ्र ही जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
उपजिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने बताया कि कुंवारी गांव में अब भी मलबा गिर रहा है। क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने के लिए वहां बारी-बारी से पटवारियों को भेजा जा रहा है। वहां इस समय एक राजस्व निरीक्षक और एक उप राजस्व निरीक्षक ड्यूटी पर हैं। मौके पर आपदा प्रबंधन की टीम भी तैनात है। एसडीएम ने बताया कि राहत शिविर राइंका बदियाकोट में जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं है।
एसडीएम ने बिष्ट ने बताया रविवार सुबह प्रभावितों को बसाने के लिए बमसेरा ग्राम पंचायत के नेली में राज्य सरकार की भूमि को देखी। उन्होंने बताया कि वहां तीन सौ नाली भूमि है। अधिकतर भूमि समतल है। इस भूमि से कुछ दूरी पर पीने का पानी का स्रोत बनाया जा रहा है। सड़क से कुछ ही दूर इस क्षेत्र में बिजली पहुंचाने के लिए दो या तीन पोलों की जरूरत पड़ेगी।
बताया कि इस भूमि का भू-वैज्ञानिकों से परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षण में यदि यह भूमि सुरक्षित निकली तो प्रस्ताव तैयार करके जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। उनके साथ राजस्व उप निरीक्षक कपकोट संजय मुनगली थे।