बागेश्वर के बसेत गांव में आपदा से क्षतिग्रस्त मकान।
- फोटो : अमर उजाला
अतिवृष्टि की मार से जिले में पांच और मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनमें से चार मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। जबकि एक दोमंजिले मकान को आंशिक नुकसान हुुआ है। दूसरी ओर भूस्खलन और मलबा आने के चलते सात सड़कें बंद रही। इससे यातायात पर निर्भर 10 हजार की आबादी परेशान रही। वहीं, सात सड़कों पर आए मलबे ने घंटों यातायात की रफ्तार थामी।
मंगलवार को जिले में सात सड़कें बंद रही। इससे वाहनों के लिए चक्काजाम जैसे हालात रहे। वहीं, यातायात पर निर्भर 10 हजार की आबादी आवाजाही से वंचित रही। बागेश्वर-दफौट, असों-बैड़ापोखर-ओखलधार, बालीघाट-दोफाड़-धरमघर, डंगोली-सैलानी, शामा-लीती, बिजोरीझाल-ओखलसों, भानी-हरसिंग्याबगड़ मोटर मार्ग में मलबा आने से घंटों यातायात ठप रहा। इससे सड़कों के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे रहे।
यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यदायी संस्थाओं ने जेसीबी से मार्ग खोलकर आवाजाही सुचारु की। सोमवार को अतिवृष्टि से कांडा तहसील के सानिउडियार गांव में मंजू देवी जबकि भंतोला गांव में पुष्पा देवी का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुगनाकुरी तहसील के मौउडियार गांव में खुशाल सिंह, किड़ई में दीवान सिंह, बागेश्वर तहसील के बसेत गांव में सुंदर सिंह का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने कपकोट और बागेश्वर तहसील में प्रभावितों को राहत राशि के चेक बांटे।
कपकोट की बिजली गुल
मंगलवार शाम गढ़ियाचौरा में पेड़ टूटकर गिरने से 33 हजार वोल्ट की बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे पूरे कपकोट क्षेत्र की बिजली गुुल हो गई। यूपीसीएल कर्मचारी लाइन की मरम्मत में जुटे हैं। ईई भाष्कर पांडे ने देर रात 12 बजे तक बिजली आने की संभावना जताई।