जिले की नदियों में ब्लीचिंग पाउडर डालकर मछलियों का अवैध रूप से शिकार किया जा रहा है। इससे जहां मछलियां मर रही हैं, वहीं अन्य जलीय जंतुओं की जान भी जा रही है। यदि ब्लीचिंग पाउडर का दुरुपयोग नहीं रोका गया तो जैव विविधता को गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा।
सरयू और गोमती नदियों में लंबे समय से मछलियों का अवैध शिकार किया जा रहा है। मछलियों के शिकार के लिए कई लोग ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ब्लीचिंग पाउडर के कारण पानी जहरीला हो जाता है। इससे मछलियों के साथ ही लाखों की संख्या में अन्य जलीय जंतु भी मारे जाते हैं।
नदियों में लगातार ब्लीचिंग से मछलियों का शिकार करने से जैव विविधता को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। इतना ही नहीं ब्लीचिंग पाउडर से मारी गई मछलियां को खाने से मानव स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। कपकोट क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से ब्लीचिंग पाउडर से मछलियों का शिकार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।