राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय का पिछले दिनों घोषित परीक्षाफल में बीएससी तृतीय वर्ष का एक संस्थागत छात्र प्रथम श्रेणी में पास हुआ है, लेकिन जब वह कालेज में अंकपत्र लेने पहुंचा तो पता चला कि उसका अंकपत्र पहुंचा ही नहीं है।
जीतनगर निवासी छात्र उमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि उसने राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय से बीएससी संस्थागत छात्र के रूप में कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल द्वारा आयोजित परीक्षा दी थी।
इस परीक्षा में वह प्रथम श्रेणी में पास हुआ है। वह अंक पत्र लेने महाविद्यालय पहुंचा तो उसे यह कहकर लौटा दिया कि उसका अंकपत्र तो नैनीताल से आया ही नहीं है, जबकि उसका परीक्षाफल नेट पर दिखाया गया है।
छात्र ने बताया कि वह एक इंस्पायर स्कालर भी है, जिसमें उसे विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार से हर साल 80 हजार रुपया बतौर छात्रवृत्ति मिलती है।
इस बार तय सीमा के भीतर अंक पत्र मंत्रालय के पास नहीं पहुंचने पर उसे मिलने वाली छात्रवृत्ति पर सवालिया निशान लग गए हैं। अंक पत्र के लिए उसने विश्वविद्यालय से कई बार पत्र व्यवहार किया, लेकिन आज तक उसे अंक पत्र नहीं मिल सका है।
छात्र ने चेेतावनी दी है कि यदि उसे शीघ्र अंक पत्र नहीं मिला तो वह अग्रिम कार्रवाई को विवश हो जाएगा। इधर प्राचार्य ने छात्र के संस्थागत होने समेत उसके आवेदन पत्र पर आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया है।