सीमांत राज्यस्तरीय पर्वतीय विज्ञान महोत्सव का समापन हो गया। विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल, प्रश्नोत्तरी, कविता और नाटक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। विजेताओं को विभिन्न वर्गों में स्थान मिला।
पर्वतीय विज्ञान महोत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित करते अतिथि।
- फोटो : संवाद
पर्वतीय क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले में पहली बार आयोजित पांचवा सीमांत राज्यस्तरीय पर्वतीय विज्ञान महोत्सव का शानदार समापन हो गया है। बीते शुक्रवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया था। महोत्सव में विभिन्न जिलों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने विज्ञान मॉडल, वैज्ञानिक प्रश्नोत्तरी, नाटक और कविता जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
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वैज्ञानिक हिंदी कविता प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में चंपावत की श्रेया पांडे और सीनियर वर्ग में पिथौरागढ़ की निशा भट्ट ने पहला स्थान प्राप्त किया। वैज्ञानिक अंग्रेजी कविता प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में चंपावत की चंद्रशी राय ने बाजी मारी, जबकि सीनियर वर्ग में पिथौरागढ़ के धीरेंद्र कन्याल पहले स्थान पर रहे। वैज्ञानिक मॉडल प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में पिथौरागढ़ की पावनी धामी और सीनियर वर्ग में चंपावत के सचिन कुमार ने पहला स्थान हासिल किया। वैज्ञानिक क्विज प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में जीआईसी गौणा चमोली और सीनियर वर्ग में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, बागेश्वर ने पहला स्थान प्राप्त किया। वैज्ञानिक नाटक प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंतक्वैराली, बागेश्वर और सीनियर वर्ग में उदयन इंटरनेशनल स्कूल चंपावत ने बाजी मारी। यूनिकोस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें उचित मंच और अवसर दिए जाने की जरूरत है। हमारा प्रयास है कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थी इसे अपने दैनिक जीवन और स्थानीय समस्याओं के समाधान से भी जोड़ें। इस मौके पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन जोशी, डॉ. मनमोहन रावत, बृजेश आगरी, दीप चंद्र जोशी, अव्वल सिंह तोपाल, संगम साह, और राजीव निगम आदि मौजूद रहे। संवाद