बागेश्वर। घिंघारूतोला के मुस्योली गांव में खड़िया खनन से पैदा हुई आफत ने ग्रामीणों की दहशत बढ़ा दी है। खनन क्षेत्र के बाहर उपजाऊ खेतों में चौड़ी दरारें आ चुकी हैं। एक दर्जन आवासीय घर खतरे की जद में है। बारिश के मौसम ने ग्रामीणों की परेशानी अधिक बढ़ा दी है। रात को बारिश के आसार बनते ही ग्रामीणों की नींद उड़ जाती है। डर इस कदर हावी है कि ग्रामीण रोज सुबह उठते ही मकानों के पास पड़ी दरारें देखने पहुंच जाते हैं।
जिले में दुग नाकुरी, कांडा और बागेश्वर के कई स्थानों पर खड़िया की खदानें हैं। सरकार को राजस्व तो खदान मालिकों को मोटी कमाई कराने वाली खदानें अब क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी बनती जा रही हैं। खनन से खोखली हुई कई गांवों की जमीन वहां के वाशिंदों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हे।
तहसील क्षेत्र के मुस्यौली गांव के हालात भी लगातार खराब होते जा रहे हैं। लीज क्षेत्र से बाहर की जमीन भी कमजोर होकर फटने लगी है। आवासीय मकान के आंगनों में भी दरारें आ गई हैं। बिजली की हाइटेंशन लाइन, उपजाऊ जमीन और गांव के पैदल रास्ते भी खतरे की जद में हैं। हालांकि तहसील प्रशासन ने गांव को हुए नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि गांव में चल रहे खनन का कार्य पूरी तरह से बंद होना चाहिए। तभी गांव का अस्तित्व बचेेगा।
खनन बंद होने के बाद भी नहीं भरे गड्ढे
बागेश्वर। मुस्योली गांव में खड़िया खनन से ही नुकसान नहीं हो रहा, खान मालिकों की लापरवाही भी ग्रामीणों के लिए खतरे का कारण बन रही है। मानसून के दौरान खनन बंद रहता है। खनन बंद करते समय सभी खान मालिकों को खदान क्षेत्र में बने गड्ढों को अनिवार्य रूप से भरना होता है, लेकिन मुस्योली गांव में खड़िया की खान के गड्ढों को भरने की जहमत तक नहीं उठाई गई। बारिश के बाद गड्ढे पानी से लबालब भरे हैं। जिसके कारण हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
जिले की खड़िया खानों में बरती जा रही अनियमितता और लापरवाही की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। जिन खदानों में गड्ढे नहीं भरे गए हैं, उन खान मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। गड्ढे भरान को लेकर पटवारी की भूमिका भी तय की जानी चाहिए। अगर पटवारी भी अपने कार्य में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। जब तक सिस्टम सख्ती नहीं बरतेगा, खड़िया खानों में हो रही लापरवाही पर लगाम नहीं लग सकती है। - ललित फर्स्वाण, पूर्व विधायक, कपकोट
जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जिलाधिकारी के स्तर से ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी। - योगेंद्र सिंह उपजिलाधिकारी बागेश्वर