फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बागेश्वर में भांग के खेती से संवरेगी किसानों की तकदीर

विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। जंगली सुअरों और बंदरों से परेशान किसान अब भांग की खेती से अपनी तकदीर संवार सकते हैं। डीएम विनीत कुमार ने नवीन पहल कर औद्योगिक प्रयोजन के लिए हिमालयन मॉक को भांग की खेती का लाइसेंस दिया है।
विज्ञापन

पायलट प्रोजेक्ट की धरातलीय सफलता के लिए एक बहुविभागीय समिति का गठन भी किया गया है। समिति किसानों का समूह बनाकर उन्हें भांग की खेती के लिए लाइसेंस दिलाने में मदद करेगी।
पारंपरिक खेती को जंगली जानवर नुकसान पहुंचाते हैं। इस कारण कई किसानों के खेत बंजर होते जा रहे हैं। इन खेतों को आबाद कर किसानों को व्यावसायिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से डीएम ने कृषि विभाग को नए पायलट प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन

इसके तहत भांग की लाइसेंसी खेती को मंजूरी दी गई है। भांग की लाइसेंसी खेती को बढ़ावा देने और किसानों को विभिन्न प्रकार की तकनीकी और वित्तीय सलाह देने के लिए गठित समिति में मुख्य कृषि अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, महाप्रबंधक उद्योग के अलावा दो प्रगतिशील किसान राजेश चौबे और दिनेश पांडेय को नामित किया गया है।
समिति पायलट प्रोजेक्ट के लिए किसानों का समूह बनाकर उनका कोऑपरेटिव पंजीकरण करा लाइसेंस दिलाएगी। डीएम ने बताया कि हिमालयन मॉक को लाइसेंस शर्तों के साथ दिया गया है। इसके अनुसार उनके माध्यम से उगाई गई भांग का प्रयोग केवल औद्योगिक प्रयोजन के लिए होगा।
किसान की उगाई भांग का उपयोग वह या कोई अन्य नहीं कर सकेगा और न ही भांग की बिक्री की जाएगी। लाइसेंस लेने वाला केवल निर्धारित खेत में भांग की खेती करेगा।
खेतों में 0.3 टीएचसी मात्रा की भांग ही उगाई जा सकेगी। डीएम ने कहा कि इस पहल से बंजर भूमि की उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। वहीं 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में भी सफलता मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें