कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान काफलीगैर की ओर से टाना, खौलशीर गांवों में कृषक प्रशिक्षण शिविर लगाए गए। शिविरों में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से कृषि में वैज्ञानिक आधार अपनाने को कहा।
इससे जहां उनकी पैदावार में बढ़ोतरी होगी वहीं, उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। उन्होंने फसलों में होने वाले रोगों के कारण, लक्षण, उपचार के बारे में बताया। किसानों में मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी बांटे गए।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नवल किशोर ने टाना गांव में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया। कहा कि मृदा जांच से पोटाश, सूक्ष्म तत्वों की कमी पाई गई है।
इसकी कमी के दुष्प्रभाव कम करने के उपाय बताए। जाड़ों में पशुधन के प्रबंधन की वैज्ञानिक विधि, अत्यधिक सर्दी में पशुओं, दूध के उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताया।
पादप सुरक्षा विशेषज्ञ हरीश जोशी ने खौलशीर गांव में मृदा में सूक्ष्म तत्वों की कमी को रोगों का कारण बताया। वैज्ञानिकों ने कृषक प्रक्षेत्रों का भ्रमण कर गेहूं, मसूर की फसलों पर किसानों को उचित सलाह दी। वहां करम सिंह, उम्मेद सिंह, विशन सिंह, गोपाल दत्त, लक्ष्मी दत्त भट्ट सहित प्रगतिशील महिला किसान भी थे।