रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली सुअरों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। ग्राम पंचायत सुनियाकोट, चापड़, टुनाकोट, तिपोला, सालीखेत, मल्ला विश्वा, बिल्लेख सहित आसपास के गांवों में जंगली सुअरों के झुंड लगातार खेतों में घुसकर आलू, टमाटर और अन्य सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही जंगली सुअर खेतों में पहुंच जाते हैं और तैयार फसलों को तहस-नहस कर देते हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो रही है।
स्थानीय ग्रामीण सुनील मेहरा, आनंद सिंह, सुंदर सिंह और राजेंद्र सिंह ने बताया कि जंगली सुअरों के बढ़ते आतंक से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। कई किसान रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद फसलों को बचा पाना कठिन हो रहा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसानों को खेती छोड़ने तक की नौबत आ सकती है।
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प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। किसानों को जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए जायेंगे। समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत