पौराणिक उत्तरायणी मेलेे के समापन की बुधवार रात घोषणा के बावजूद यहां दूर-दूर से आए व्यापारी अब भी जमे हुए हैं। वहां खरीदारों की भी खासी भीड़ हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि नोटबंदी के चलते लोग जेब देखकर ही खरीदारी कर रहे हैं। मेले में बिक्री के लिए सामान भी काफी लाए हैं। सारा सामान बिक जाए तो अच्छा नहीं तो आने-जाने में लगा किराया भाड़ा भी नहीं निकल पाएगा।
मालूम हो कि सुहावने मौसम के बीच नगर में 13 जनवरी से शुरू हुआ उत्तरायणी मेला गत बुधवार की रात विधिवत संपन्न हो गया है। सुहावने मौसम के बीच मेले के लिए इस राज्य के अलावा उप्र. दिल्ली, हरियाण आदि क्षेत्रों से यहां पहुंचे विभिन्न उत्पादों के व्यापारी अब भी यहां जमे हुए हैं। लोग दुुकानों से खरीदारी भी कर रहे हैं। भोटिया पड़ाव, दुग बाजार, नुमाइशखेत और सरयू बगड़ में सजी इन दुकानों से लोग खरीदारी भी कर रहे हैं। लोग झूला, चर्खा और सर्कस का भी खूब लुत्फ उठा रहे हैं।