पांच मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा को लेकर हुई जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में डीएम रंजना राजगुरु ने नकलविहीन, भयमुक्त तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव की तरह बोर्ड परीक्षा सभी के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीडीओ कार्यालय सभागार में बृहस्पतिवार को हुई इस बैठक में डीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस कार्य में केंद्र व्यवस्थापक, कस्टोडियन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। कहा कि परीक्षा के दौरान बच्चों की मानसिक स्थिति को समझते हुए उनके साथ विनम्रता पूर्वक व्यवहार अपनाएं। बैठक में सभी प्रधानाचार्यों और केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा केंद्र में फर्नीचर, पेयजल, बिजली और शौचालय व्यवस्था सुचारु रखें। उन्होंने सीईओ को दिव्यांग बच्चों की केंद्र वार सूची देने के लिए निर्देशित किया। बैठक में केंद्र व्यवस्थापक और कस्टोडियन को परीक्षा संबंधी सामग्री का भलीभांति निरीक्षण करने, कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा कक्ष में मोबाइल और नकल सामग्री ले जाने में प्रतिबंध लगाने के लिए निर्देशित करने, परीक्षा शुरू होने से पहले कक्ष निरीक्षकों को ब्रीफ करने के लिए निर्देशित किया। बैठक में कई स्कूूलों के प्रधानाचार्यों द्वारा फर्नीचर न होने की समस्या को रखा। कहा फर्नीचर की कमी से परीक्षार्थियों को दिक्कतें आ सकती हैं। सीईओ हरीश चंद्र सिंह रावत ने केंद्र व्यवस्थापकों और कस्टोडियन को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र में पहुंचकर व्यवस्थाओं को जांचने के निर्देशित किया। बैठक में डीईओ माध्यमिक नरेश शर्मा, एसडीएम श्याम सिंह राणा, सीओ वीर सिंह, तहसीलदार कांडा मैनपाल सिंह, डीएसओ जसवंत सिंह कंडारी, सभी केंद्र व्यवस्थापक कस्टोडियन मौजूद थे।
हाईस्कूल के 4885, इंटरमीडिएट के 4534 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में बागेश्वर जिले में हाइस्कूल के 4885 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें 4725 संस्थागत और 160 प्राइवेट परीक्षार्थी हैं। इसके अलावा इंटरमीडिएट के 4534 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें 4300 संस्थागत और 234 प्राइवेट परीक्षार्थी शामिल हैं। सीईओ हरीश चंद्र सिंह रावत ने बताया कि जिले में 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 12 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है।