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पखवाड़ा बीतने के बाद भी शासन-प्रशासन ने नहीं ली सुध

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बागेश्वर तहसील परिसर में धरना देती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। राजकीयकरण करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का तहसील परिसर में धरना जारी है। उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया। धरने को पखवाड़ा पूरा होने वाला है, बावजूद सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं कोई सुध नहीं ली है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसील कार्यालय में धरना दिया। इस दौरान संगठन की उपाध्यक्ष लीला आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा मातृ वंदना, बीएलओ, पल्स पोलियो, टीकाकरण, जनगणना, टीएचआर वितरण, दिव्यांग सर्वे, वृद्धावस्था, विधवा पेंशन का सत्यापन, स्वजल शौचालय सर्वे, ओबीसी गणना, नंदा देवी कन्याधन प्रचार- प्रसार आदि कार्य किए जा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें काफी कम मानदेय दे रही है। बढ़ती महंगाई के बीच कम मानदेय में वह परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं। यह धरना मांगें पूरा होने तक जारी रहेगा। बताया कि देहरादून में मांगों को लेकर आमरण अनशन किया जा रहा है, जिसमें कई कार्यकर्ताओं का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। सरकार की ओर से उनका हाल भी नहीं पूछा जा रहा है। कहा कि यदि यही हाल रहा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष गीता पांडे, पूनम, मुन्नी पांडे, हंसी जनौटी, बबीता, नीमा गोस्वामी, जानकी चौबे, मुन्नी आर्या, रीता साह, अंजू देवी, रेखा देवी, इंद्रा रावत, हेमा नगरकोटी, गीता देवी, सरोज, गीता पांडे, मोहिनी पर्वतीय, मंजू वर्मा, देवकी रावल, लीला आर्या आदि धरने में बैठी।
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