बागेश्वर। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों लोगों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रान (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) की प्रतियों को सरयू घाट पर विसर्जित किया गया। सोमवार को सरयू घाट पर विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने प्रान की प्रतियों को सरयू घाट पर बहाया।
वक्ताओं ने कहा कि चुनावी वर्ष 2022 को ध्यान में रखते हुए आने वाले दो वर्षों में कुली बेगार की 100वीं वर्षगांठ पर इस नई पेंशन योजना को जड़ से उखाड़ फेंकने के साथ पुरानी पेंशन योजना लागू करवाना है। संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक मिलिंद बिष्ट ने कहा कि 2005 के बाद देेश भर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को समाप्त कर दिया है। नई पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित है। इस नई अंशदायी पेंशन योजना में राज्य और केंद्र सरकार कर्मचारियों के पैसों को शेयर मार्केट में लगा रही है। पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारी को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत प्राप्त होता था लेकिन नई पेंशन योजना में यह राशि सेवाकाल में वेतन के कुल जमा राशि के 60 प्रतिशत से पेंशन प्लान खरीद कर प्राप्त होता है। राजकीय शिक्षक संघ के कुमाऊं अध्यक्ष विजय गोस्वामी ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रत्येक कर्मचारी लड़ाई में साथ रहना चाहता है। चाहे वह किसी भी मंच से हो। पर्वतीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष के सी मिश्रा ने कहा कि जिन राज्यों में सरकारें इस मांग को नजरअंदाज कर रही हैं उन्हें आगामी चुनावों में मुंह की खानी पड़ेगी। संचालन करते हुए राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय सदस्य आलोक पांडे ने बताया कि पुरानी पेंशन को यदि पाना है तो सभी को एकजुट होकर मैदान में आना होगा।
ये लोग रहे मौजूद
वहां एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भुवन जोशी, मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के जिलाध्यक्ष अनिल जोशी, ममता घपांडे, चंद्रप्रभा मिश्रा, रेखा मटियानी, पिंकी पांडे, किरन वाणी, उषा धपोला, विजय गोस्वामी, गोपाल दत्त पंत, केसी मिश्रा, महिमन ऐठानी, मंगल बिष्ट, सीपी मिश्रा, अनिल जोशी, भुवन जोशी, चरणसिंह बघरी, रतन सिंह धपोला, हरीश फर्स्वाण, बीडी पांडे, प्रकाश चौबे, प्रकाश, विनोद सिंह मेहता, संदीप जोशी, मनोज असवाल, दीप चंद्र पांडे, विपिन कर्नाटक, मुकेश कुमार, नीरज जोशी, सौरभ बिष्ट, इंद्रेश कोरंगा, जगदीश दफौटी आदि मौजूद रहे।
इन संगठनों ने लिया हिस्सा
राजकीय जूनियर शिक्षक संघ, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, राजकीय शिक्षक संघ, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ, मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ।