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सांसद आदर्श गांव बाछम में एक साल बाद भी अंधेरा

Tue, 30 Jan 2018 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
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एलईडी बल्ब - फोटो : File
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राज्य सभा सदस्य का गोद लिया बाछम गांव एक साल से अंधेरे में डूबा हुआ है। राज्य सभा सदस्य और अधिकारियों के निर्देश के बावजूद गांव में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इससे लगभग ढाई सौ परिवार रिंगाल के छिलकों से रात्रि प्रकाश करने को मजबूर हैं। खाती गांव के लिए भी एक साल से बिजली आपूर्ति ठप है।

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वर्ष 2016-17 में दूरस्थ बाछम गांव को सांसद आदर्श गांव के रूप में चयनित किया गया था। राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने इस गांव को गोद लिया था। एक साल बीतने के बाद भी गांव की तस्वीर बदलना तो दूर गांव में बिजली ही नहीं आई है।

बिजली नहीं होने के कारण धूर में स्थापित मोबाइल टॉवर भी दिन में कुछ समय ही संचालित हो पाता है। इससे लोगों को संचार सुविधा का लाभ भी नहीं मिल रहा है। अक्तूबर 2017 में गांव में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने विभाग को जल्दी से जल्दी बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी विभाग आपूर्ति सुचारु नहीं कर पाया है।
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बाछम के ग्राम प्रधान आनंद राम और जिला पंचायत सदस्य भागीरथी देवी ने बताया कि कई बार शासन-प्रशासन के सामने समस्या रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 

क्या कहते हैं अधिकारी

एक वर्ष पहले बाछम गांव के लिए बिजली की सप्लाई शुरू की थी। बाछम और खाती गांवों के लिए बिजली की लाइन सोराग गांव से जाती है। सोराग में उरेड़ा से बिजली की आपूर्ति होती है। सोराग गांव में रहने वाले ज्यादातर परिवार ग्रिड की बिजली के संयोजन लेने के लिए तैयार नहीं हैं।

नुकसान होने के कारण यूपीसीएल को लाइन काटनी पड़ी। अब दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत बाछम गांव के लिए सीधे धूर से बिजली आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए प्रयास चल रहे हैं। - एसएस भंडारी, उपखंड अधिकारी, यूपीसीएल


बाछम गांव प्रधानमंत्री की आदर्श गांव योजना के तहत चयनित गांव है। पिछली बैठक में जब ग्रामीणों ने गांव में बिजली का मामला उठाया था तो मैंने जल्द से जल्द बिजली की आपूर्ति के लिए शासन स्तर पर वार्ता की थी। बिजली आपूर्ति सुचारु करने की कार्रवाई कहां तक पहुंची इस मामले में जिलाधिकारी से बात की जाएगी। - प्रदीप टम्टा, राज्य सभा सदस्य।

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