कोट भ्रामरी का तीन दिवसीय मेला रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और डोला विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। गर्मी के बावजूद मेले में इस बार रिकॉर्ड भीड़ थी। सांसद टम्टा ने मेले के आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए दो लाख रुपये अपनी निधि से देने की घोषणा की। कोट भ्रामरी मेले में सांस्कृतिक मंच पर बृहस्पतिवार की रात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
मेला कमेटी के सचिव रंजीत डसीला ने कहा कि पहली बार मेले में सुबह के छह बजे तक लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम देखे। मेले में बाहरी कलाकारों के अलावा स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पुष्कर महर, जितेंद्र टाकियाल के कार्यक्रम के दौरान दर्शक जमकर थिरके। सांसद प्रदीप टम्टा ने मेले के सफल आयोजन के लिए मेला कमेटी को अपनी निधि से दो लाख देने की घोषणा की। देवनाई के महिला, पुरुषों ने रातभर ननौल गायन किया। दर्शकों ने सुबह के चार बजे के पहर में देवी अवतरित देखी।
मंदिर में पूजा, अर्चना करने वालों का सुबह से ताता लग गया था। देवी के दर्शन करने वालों की शाम पांच बजे तक लंबी कतार लगी थी। शाम चार बजे मुख्य मंदिर से नंदा का डोला बाजे-गाजों और नंदा के जयकारों के साथ उठा। डोले के साथ हजारों लोग चल रहे थे। नंदन अल्मिया, रंजीत डसीला, चंद्रशेखर बड़सीला, संतोष तिवारी, देवेंद्र मेहता, नीरज पंत आदि ने संचालन किया। वहां पूर्व केबिनेट मंत्री रामप्रसाद टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, मेला कमेटी के अध्यक्ष भरत फर्स्वाण, गिरीश कोरंगा, जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट, विधायक चंदन दास, देेवेंद्र गोस्वामी, गोपाल दत्त भट्ट, मंगल राणा, ईश्वर परिहार, बलवंत भंडारी आदि थे।