उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का कृषि विभाग में विलय करने के विरोध में संयुक्त उद्यान कार्मिक मोर्चा के अधिकारियों और कर्मियों ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया। बाद में सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
धरना स्थल पर संयुक्त उद्यान कार्मिक मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि उद्यान और कृषि विभाग का एकीकरण करने की कार्यवाही से कर्मियों में नाराजगी है। उद्यान विभाग ने पर्वतीय राज्यों के विकास में अहम भूमिका निभाई है।
फल, सब्जी, मशरूम, शहद, मसाले व फूलों के खेती करने के साथ ही अन्य प्रसंस्करण के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ा है। कहा कि उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय करना प्रदेश सरकार का गलत निर्णय है।
कर्मचारियों ने सरकार से इस निर्णय को लागू करने से पहले उद्यान विभाग के कर्मियों के साथ वार्ता करने और कर्मियों को अपनी बात रखने के लिए अवसर देने की मांग की। डीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।
धरना देने वालों में उद्यान कार्मिक मोर्चा के संरक्षक तेजपाल सिंह, अध्यक्ष पूरन सिंह परिहार, देवेंद्र रावत, एमएस गढ़िया, कुलदीप जोशी, आशा गोस्वामी, श्वेता जोशी, शेर राम, प्रेम सिंह आदि थे। इधर, उद्यान कर्मियों के आंदोलन को जिले भर के प्रगतिशील काश्तकारों ने भी समर्थन दिया है।