कपकोट के पोथिंग गांव में रविवार को आबादी की ओर बढ़ रही जंगल की आग को बुझाने में एक बुजुर्ग व्यक्ति बुरी तरह से झुलस गया। सीएचसी में उपचार के दौरान रात में उसने दम तोड़ दिया।
रविवार को पोथिंग के ग्यूड़िया गांव के जंगलों की आग आबादी की ओर बढ़ने लगी। आग को घर की तरफ आता देख 70 वर्षीय हरिदत्त जोशी इसे बुझाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच आग की तेज लपटों की चपेट में आने से वह बुरी तरह से झुलस गए। चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने उनके कपड़ों में लगी आग बुझाई। इसके बाद गांव वालों ने हरिदत्त को सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लगभग 70 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके हरिदत्त ने उपचार के दौरान रात में ही दम तोड़ दिया।
सूचना पर कपकोट के थानाध्यक्ष एमसी पलड़िया ने शव का पंचनामा भरा। परिजनों के पोस्टमार्टम से इनकार करने पर शव उनको सौंप दिया गया। मृतक हरिदत्त का परिवार बेहद गरीब है। उनके एक बेटे कैलाश जोशी की बीमारी से पहले ही मौत हो चुकी है जबकि दूसरा बेटा हीराबल्लभ बेरोजगार है। ग्राम प्रधान चंपा देवी, पूर्व प्रधान हरीश जोशी ने वन विभाग से मृतक के परिजनों को मुआवजा शीघ्र देने की मांग की है।