बागेश्वर। ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने अपने खेल से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई है। इसमें महिला खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा है। जिले से अब तक सात महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और 100 से अधिक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर चुकी हैं।
ताइक्वांडो खेल को जिले में प्रसारित करने का श्रेय द्रोणाचार्य अवार्डी कोच कमलेश तिवारी को जाता है। वर्ष 1996 में उन्होंने जिले की पहली ताइक्वांडो कोचिंग खोलकर बच्चों को खेल की बारीकियां सिखानी शुरू कीं। धीरे-धीरे बालिकाओं का झुकाव भी होने लगा।
बालिका खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में भागीदारी करनी शुरू की तो जिले में मेडल भी आने लगे। कोच तिवारी बताते हैं कि पिछले 25 साल में करीब 3000 बालिकाएं ताइक्वांडो प्रशिक्षण ले चुकी हैं। 500 से अधिक बालिकाएं राज्य और 100 से अधिक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर कर चुकी हैं।
सात महिला खिलाड़ी गुंजन दास, किरन नेगी, दीपा कोश्यारी, नेहा खेतवाल, श्रद्धा जोशी, हेमा कोरंगा और नेहा देवली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गुंजन दास जिले की वर्तमान में जिले की प्रभारी क्रीड़ाधिकारी और किरन नेगी खेल विभाग में सहायक प्रशिक्षक के पद पर तैनात हैं।