गरुड़/कौसानी(बागेश्वर)। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी ने आम ग्राहकों की जेब ढीली करने के साथ-साथ पर्यटन व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। गैस महंगी होने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की लागत में भारी इजाफा हुआ है। जिसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर दिखने लगा है।
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल कौसानी में मूल्य वृद्धि का असर साफ देखा जा रहा है। होटलों में खाने-पीने के दाम बढ़ने से यहां आने वाले पर्यटक निराश नजर आ रहे हैं। व्यवसायियों को डर है कि यदि इसी तरह महंगाई बढ़ती रही तो इसका नकारात्मक असर आगामी पर्यटन सीजन पर भी पड़ सकता है। संचालकों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण वे पुराने रेट पर भोजन उपलब्ध कराने में असमर्थ हैं। जिसके चलते मजबूरन लागत के अनुसार कीमत बढ़ानी पड़ रही है।
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-कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इजाफा सीधे तौर पर व्यापार और ग्राहकों दोनों को प्रभावित कर रहा है। लगातार बढ़ती लागत से व्यवसाय चलाना कठिन होता जा रहा है। इसका सबसे बुरा असर पर्यटन पर पड़ रहा है। - गजेंद्र मेहरा, अध्यक्ष, होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन कौसानी,
-सिलेंडर के दाम में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे संचालन लागत बढ़ गई है। ऐसे में पुराने रेट पर भोजन उपलब्ध कराना अब मुमकिन नहीं रह गया है। इस महंगाई ने ढाबा संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल दिया है। - गोकुल रावत, ढाबा संचालक
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एकाएक हुई इस बढ़ोतरी ने स्वरोजगार कर रहे युवाओं के सामने नई चुनौती पैदा कर दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही रोजगार के अवसर सीमित हैं। ऐसे में बढ़ती लागत के कारण व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाना बेहद कठिन होता जा रहा है। - दिगंबर नाथ, होटल व्यवसायी