बागेश्वर। जिले में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। बारिश का सबसे अधिक कहर सड़कों पर टूट रहा है। कपकोट विकासखंड में 12 घंटे के दौरान 140 मिमी बारिश हुई। जिले के अन्य स्थानों पर भी पूरी रात जमकर मेघ बरसे। बारिश से 31 सड़कों पर यातायात बाधित हो गया था। 14 सड़काें को शुक्रवार की शाम तक खोल दिया गया। 17 सड़कों पर अब भी यातायात बाधित होने से ग्रामीणों को पैदल चलना पड़ रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे तक बागेश्वर में 36 और गरुड़ में 27 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और मलबा आने से बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है।
हरिनगरी-पय्या-दाबू हड़ाप, जखेड़ा-लमूचला-डाकघट, हरसीला-पुड़कूनी, हरसीला-नानकन्यालीकोट, कपकोट-कर्मी, भानी-हरसिंग्याबगड़, बैसानी-पौंसारी, लीली, रौल्यांना-लोहागढ़ी, सुंदिल-जुनायल, बीनातोली-मजकोट, पाकड़, बघर, हरकोट और काफलीकमेड़ा सड़क पर यातायात बाधित है।
बिजली और पेयजल आपूर्ति ठप, हजारों की आबादी परेशान
कपकोट। दुगनाकुरी और कपकोट तहसील के गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही। कपकोट नगर पंचायत क्षेत्र में बिजली गुल होने से पेयजल संकट गहरा गया। बिजली और पानी की आपूर्ति नहीं होने से हजारों की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कपकोट और दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान रात करीब आठ बजे बिजली गुल हो गई थी। इससे विकासखंड की 50,000 से अधिक की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह बिजली बहाल हुई लेकिन दुगनाकुरी क्षेत्र में फिर से आपूर्ति बाधित हो गई। पूरे दिन क्षेत्र में बिजली नहीं होने से लोग परेशान रहे। नगर पंचायत कपकोट में पंपिंग योजना पर बिजली गुल होने का असर पड़ा। नगर में पानी नहीं आने से 5,000 से अधिक की आबादी परेशान रही।
चार दिन से क्षेत्र में नहीं है बीएसएनएल संचार सुविधा
बागेश्वर। कपकोट तहसील क्षेत्र में चार दिन से बीएसएनएल सेवा बाधित है। दूरदराज के गांव के लोग बीएसएनएल पर ही निर्भर हैं। यहां लोगों के मोबाइल शोपीस बने हुए हैं। इंटरनेट सेवा नहीं होने से कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। ऑनलाइन कारोबार करने वाले लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार झटक्वाली से हरसीला के बीच लाइन कटने से दिक्कत हुई है। लगातार बीएसएनएल संचार सेवा बाधित रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्कूलों में सुबह घोषित हुआ अवकाश
बागेश्वर। जिले में बारिश के अलर्ट को देखते हुए स्कूलों में अवकाश रहा। जिला प्रशासन की ओर से सुबह अवकाश घोषित किया गया। कई बच्चे जानकारी नहीं होने से स्कूलों के लिए रवाना हो चुके थे। अभिभावकों का कहना है कि अलर्ट को देखते हुए एक दिन पहले ही अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।
कोट
बारिश से बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। बिजली और पेयजल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में संबंधित विभाग जुटे हैं। बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। - शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर।