बागेश्वर। खरही और पालड़ीछीना क्षेत्र के गांवों में चौथे दिन भी पेयजल संकट बना रहा। एनएच चौड़ीकरण के दौरान मलबे में दबने से क्षतिग्रस्त हुई पाइप लाइन की मरम्मत का काम पूरे दिन जारी रहा। सप्लाई बाधित होने से क्षेत्र के 55 गांवों की 10 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है।
बिलौना से बनी खरही ग्राम समूह पंपिंग योजना से खरही क्षेत्र के पौड़ीधार, रैखोली, जोशीगांव, खांकर, डिनौला, आंवलीगाड़, बुगाड़ी, छानी, भनारतोली, दाणोंछीना, भोलना नाघर, भटखोला समेत करीब 40 गांवों में पानी मुहैया कराया जाता है। बजां, पालड़ीछीना, देवलधार, चौगांवछीना, गौलाआगर, करालापालड़ी, जोशीपालड़ी, जनौटीपालड़ी समेत 15 गांव इसी योजना का पानी पीते हैं। रैखोली के समीप पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को हैंडपंप और प्राकृतिक स्रोतों से पानी जुटाना पड़ रहा है। ग्रामीण हरीश सिंह, नंदन कुमार, पंकज सिंह, भुवन चंद्र आदि ने बताया कि विभाग ने पांच जून तक आपूर्ति सुचारू करने की बात कही थी। पानी नहीं आने के कारण काफी परेशानी हो रही है। नौले, धारों से पानी जुटाने के कारण रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है।
जल निगम के ईई विपिन कुमार रवि ने कहा कि पाइप लाइन भारी मलबे के नीचे दबी है। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई। अब लाइन की मरम्मत का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। शनिवार को आपूर्ति सुचारू होने की पूरी संभावना है।