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सरयू-गोमती के तट पर नहीं मिल रहा पेयजल

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बागेश्वर के तहसील रोड स्थित हैंडपंप पर पानी भरने को एकत्र लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। सरयू और गोमती के तट पर बसे नगर के लोगों को बरसात में भी पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग प्राकृतिक जलधारे और हैंडपंपों के सहारे हैं।
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करीब 50 हजार आबादी वाले नगर क्षेत्र को जरूरत का आधा भी पानी नहीं मिल पाता है। जिला मुख्यालय के लिए बनी कई योजनाओं से मात्र 3.60 एमएलडी पानी मिलता है जबकि रोज 7.26 एमएलडी पानी की जरूरत है। पानी की कमी के कारण लोगों को प्राकृतिक जलधारों के साथ ही हैंडपंपों के भरोसे रहना पड़ता है। पिछले साल यह मामला न्यायालय तक पहुंचा था। तहसील रोड, मंडलसेरा समेत तमाम इलाके पेयजल किल्लत से त्रस्त हैं। तहसील रोड में एक दिन छोड़कर सुबह 11 बजे और रात 11 बजे पानी की आपूर्ति की जाती है। इससे लोग पानी भरने में परेशानी उठानी पड़ती है। जल संस्थान के एई चंदन सिंह देवड़ी का कहना है कि पेयजल निगम मंडलसेरा पेयजल योजना का निर्माण कर रहा है। जखेड़ा पेयजल योजना का पुनर्गठन होना है। दोनों योजनाओं के बनने के बाद पेयजल किल्लत कम हो जाएगी।
पेयजल लाइन की मरम्मत की मांग
बागेश्वर। ग्राम पंचायत पुड़कुनी (कपकोट) के लोगों ने डीएम विनीत कुमार को दिए पत्र में पेयजल लाइन की मरम्मत करने की मांग की है। कहा है कि पुड़कुनी गांव की पेयजल लाइन कई जगह टूट चुकी है। लाइन टूटने से जल संकट खड़ा हो गया है। करीब तीन साल से यह लाइन क्षतिग्रस्त है। बांस के डंडों के सहारे पानी की लाइन अटकी है। भदौरा से पुनियाईजर तक पेयजल लाइन कई जगहों पर टूट चुकी है। इससे आवश्यकता के अनुरूप लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पुड़कुनी निवासी दीवान राम ने बताया कि जुलाई में हुई अतिवृष्टि के कारण पानी की लाइन और ज्यादा टूट गई है। उन्होंने डीएम से शीघ्र पेयजल लाइन की मरम्मत करवाने की मांग की है। संवाद
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