ग्राम पंचायत कपकोट और पोलिंग की पेयजल लाइन एक सप्ताह पहले क्षतिग्रस्त पड़ी है। इस कारण ग्रामीणों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा है। नजदीक में पानी के अन्य स्रोत नहीं होने के कारण ग्रामीण गधेरों के दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पेयजल संस्थान ने जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा।
भाजयुमो नेता मुन्ना कपकोटी के मुताबिक कपकोट गांव के लिए बनी पेयजल लाइन बीते एक सप्ताह से खराब पड़ी है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इससे बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
उन्होेंने पेयजल संस्थान से तत्काल लाइन सुचारु करने की मांग की है। उधर, पोलिंग के प्रधान डीआर तिरूवा ने बताया कि पीने के पानी की लाइन आठ दिन पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। लाइन ठीेक नहीं होने से गांव में साफ पानी को हाहाकार मचा है। ग्रामीण सरयू के मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं।
गंदा पानी पीने से बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। पेयजल संस्थान से लाइन सुचारु करने की कई बार मांग कर दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।