बागेश्वर में बिलौना धारे से पानी भरते लोग।
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नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पेयजल संकट गहरा गया है। इन क्षेत्रों में पानी की पहले से ही कमी बनी है। अब नदियों में सिल्ट आने से गंदले पानी की आपूर्ति हो रही है। पेयजल संकट से जूझ रहे जल संस्थान के सैकड़ों उपभोक्ता प्राकृतिक जल स्रोतों की शरण में हैं।
नगर के घटबगड़ वार्ड, कोतवाली क्षेत्र, तहसील रोड, ठाकुरद्वारा वार्ड सहित निकटवर्ती गांव कठायतबाड़ा, माजियाखेत, नदीगांव, बिलौना मंडलसेरा आदि गांवों में भी बीते एक माह से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि कई बार जल संस्थान को सूचित करने के बाद भी पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं की जा रही है। उपभोक्ता कई किमी दूर जाकर पानी का इंतजाम कर रहे हैं।
दूसरी ओर जखेड़ा पेयजल लाइन भी बाधित होने के कारण कई स्थानों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कुछ स्थानों में जल संस्थान गंदले पानी की भी आपूर्ति कर रहा है। वहीं, नदियों में सिल्ट आने के बाद घरों में गंदले पानी की आपूर्ति हो रही है। पानी इस कदर गंदला है कि आशंकित क्षेत्रवासियों ने पीने में इस्तेमाल नहीं किया। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो जल संस्थान का घेराव किया जाएगा।
कोट
जखेड़ा पेयजल योजना में फाल्ट आने तथा पुराने पंप हाउस का ट्रांसफार्मर फुंक जाने से बीते कुछ दिनों से नगर के कुछ हिस्सों में पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। नया ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाली तक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से पानी बांटा जा रहा है। -नंद किशोर, ईई जल संस्थान, बागेश्वर