बागेश्वर के बोरगांव में जलधारे से पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। चौगांवछीना के बोरगांव में एक महीने से पेयजल संकट गहरा गया है। जल संस्थान की योजना से केवल दस मिनट के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान के ईई को ज्ञापन देकर जल्द पेयजल संकट का निदान करने की मांग की।
बोरगांव में कनगाड़-चौगांवछीना पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। गांव में 18 पेयजल उपभोक्ता हैं, जिनको आपूर्ति करने के लिए आठ स्टेंड पोस्ट लगाए गए हैं। ग्राम प्रधान मंजू देवी ने बताया कि एक महीने से गांव की पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को जरूरत से बहुत कम पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाने के कारण ग्रामीणों के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। विभाग को पूर्व में समस्या से अवगत कराया गया था लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने ईई को दिए ज्ञापन में जल्द पेयजल संकट दूर नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। वहां लक्ष्मण सिंह भाकुनी, दीवान भाकुनी, मदन मोहन कांडपाल, भुवन कांडपाल, गोविंद सिंह आदि थे। (संवाद)
बोरगांव में पानी की किल्लत की सूचना मिली है। हाल में जेई को मौके पर भेजा गया था। फाल्ट पकड़ में नहीं आया। बोरगांव की पेयजल लाइन की जांच कराई जा रही है। पानी की किल्लत को दूर किया जाएगा। - चंदन सिंह देवड़ी, प्रभारी ईई जल संस्थान बागेश्वर