फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिंचाई विभाग में तैनात ड्राफ्टमैन की हत्या

Fri, 07 Apr 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
 सिंचाई विभाग में कार्यरत ड्राफ्टमैन की हत्या कर दी गई। ड्राफ्टमैन का शव बागेश्वर जिला मुख्यालय के भराड़ी टैक्सी स्टेंड की सीढ़ियों में पड़ा मिला। मृतक के भाई की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। इस घटना से धार्मिक नगरी में सनसनी फैली हुई है। 
विज्ञापन


शुक्रवार की सुबह कुछ लोगों ने पुलिस को बागेश्वर के टैक्सी स्टेंड के पास सीढ़ियों में एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना दी। शव मिलने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। कोतवाल टीआर वर्मा ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। शव के सिर पर गहरी चोट के निशान थे जिनसे खून निकल रहा था।
 मृतक के पास से बैंक की पासबुक के आधार पर उसकी पहचान गरुड़ के परकोटी निवासी ईश्वरी दत्त मिश्रा पुत्र दामोदर मिश्रा उम्र 55 वर्ष के रूप में की गई। पूछताछ में पता चला कि मृतक सिंचाई खंड कपकोट में ड्राफ्टमैन के पद पर तैनात था।
विज्ञापन


वह कठायत बाड़ा में किराए के मकान में रहते थे। पुलिस की सूचना पर गरुड़ से बागेश्वर पहुंचे मृतक के बड़े भाई पूरन चंद्र मिश्रा की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कि मृतक के सिर पर चोट है। शव का पोस्टमार्टम कर लिया है। 
जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मौके पर हथियार या अन्य कोई चीज नहीं मिली है। मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी। मृतक के पास से एक मोबाइल फोन भी मिला है। फोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी। 

आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों को पकड़ने में सीसीटीवी कैमरे बड़े कारगर साबित होते हैं। इसी को देखते हुए अधिकांश शहरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। लेकिन धार्मिक नगरी बागेश्वर में सुरक्षा के लिहाज से अभी तक क्लोज सर्किट कैमरे नहीं लगाए जा सके हैं। 


नगरपालिका सफाई व्यवस्था को लेकर कुछ स्थानों पर कैमरे लगा तो रही है लेकिन अभी कैमरे नहीं लग पाए हैं। बागेश्वर में आए दिन आपराधिक गतिविधियां होती रहती हैं। चोरी, छेड़छाड़ और मारपीट जैसी घटनाएं यहां पर आए दिन होती रहती हैं। पूर्व में हुई कई चोरियों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। यदि सीसीटीवी कैमरे होते तो अधिकांश मामलों में पुलिस को जांच करने में बड़ी सहायता मिलती। गुरुवार की रात सिंचाई विभाग में कार्यरत ड्राफ्ट मैन की हत्या की घटना के बाद सीसीटीवी कैमरों की जरूरत महसूस की जाने लगी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें