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डॉक्टरों ने बांह में काला फीता बांधकर जताया विरोध

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बागेश्वर में बांह में काली पट्टी बांधकर मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक। संवाद न्यूज एज - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बांह में काला फीता बांधकर चौथे दिन भी विरोध जारी रखा। कार्य में प्रशासनिक हस्तक्षेप, वेतन कटौती आदि के विरोध में सात सितंबर तक डॉक्टरों का विरोध, प्रदर्शन जारी रहेगा। यदि इन दिनों में उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं होती है तो आठ सितंबर को प्रदेशभर के डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा देने और वीआरएस लेने की चेतावनी दी है। जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने चौथे दिन शुक्रवार को बांह में काला फीता बांधकर कार्य करने के साथ ही विरोध भी जताया। डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना काल में डॉक्टरों के साथ जो सलूक किया जा रहा है, वह असहनीय है। कहा कि वह अपनी मांगों पर अडिग है, अगर सरकार समय रहते नहीं चेतती है तो वह सामूहिक इस्तीफा देने को तैयार हैं। वहां डॉ. मनीष पंत, डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. मुन्ना लाल, डॉ. देवेश तिवारी, डॉ. नमन शर्मा, डॉ. सैय्यद अहमद अब्बास, डॉ. गुंजन, डॉ. रीमा उपाध्याय आदि थे। संवाद
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काला फीता बांध डाक्टरों का प्रदर्शन जारी
अल्मोड़ा। जिले में डॉक्टरों ने शुक्रवार को भी काला फीता बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। मांगे पूरी नहीं होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी भी दी।
शनिवार को भी अस्पतालों में प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर डॉक्टरों ने हाथों में काला फीता बांध सांकेतिक प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने कहा कि लगातार बिना अवकाश के कार्य किए जाने के बावजूद भी उनकी अनदेखी की जा रही है। कोरोना काल में जहां सभी लोग सुरक्षा की ओर खास ध्यान दे रहे हैं। वहीं डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर कार्य किया। उसके बाद भी उनका एक दिन का वेतन काटा गया। मुख्यमंत्री की घोषणाएं भी ठंडे बस्ते में हैं। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर वह आंदोलन करेंगे। प्रदर्शनकारियों में बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचसी गढ़कोटी, डॉ. दीपांकर डैनियल, डॉ. पीके मेहता, डॉ. सीएस मार्छाल, डॉ. पीडी पंगरिया, डॉ. राहुल प्रधान आदि थे।
ग्रामीण पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर डटे हैं धरने पर
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर सल्ट विकास संघर्ष समिति का तहसील कार्यालय प्रांगण में धरना चौथे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और आंदोलन तेज करने की धमकी दी।
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उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल को पीपीपी मोड में देने की खिलाफत की। उन्होंने विद्युत उपखंड कार्यालय शशिखाल और मानिला में नियमित जेई, एई की तैनाती करने, बदहाल सड़कों पर ध्यान देने और बैंकिंग व संचार सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की। कहा कि क्षेत्र के कस्बों में शौचालय और पानी की व्यवस्था तक नहीं है। इससे बाजार आने वाले लोगों और यात्रियों को परेशानी होती है। धरने में समिति के नारायण सिंह रावत, रणजीत सिंह, शिवेंद्र सिंह, गिरीश चंद्र, शांति रावत, अमित रावत, विशन दत्त शर्मा, महेश चंद्र, महिपाल सिंह, घनानंद शर्मा, चंदन राम आदि बैठे।
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