बागेश्वर। कांडा क्षेत्र के बहुचर्चित गर्भवती किशोरी की हत्या और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने चार लोगों के सैंपल भ्रूण के डीएनए सैंपल से मिलान के लिए देहरादून भेज दिए हैं। संदिग्धों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजने से जल्द ही नाबालिग को हवस का शिकार बनाने वाले की पहचान उजागर होने की उम्मीद है।
कांडा के थानाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह ने बताया कि चार लोगों के सैंपल शुक्रवार को देहरादून लैब भेज दिए गए हैं। बताया कि इन चारों की मृतका से निकटता की बात सामने आई है। इन लोगों के सैंपलों का भ्रूण के डीएनए सैंपल से मिलान किया जाएगा। उसमें खुलासा नहीं हुआ तो फिर अन्य चिह्नित लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। सात जुलाई को कांडा तहसील के एक गांव में किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। किशोरी गर्भवती थी। जानकारी मिलने पर एसपी रचिता जुयाल ने मामले की पड़ताल कराई थी। जांच में सामने आया था कि परिजनों ने किशोरी के शव को दफना दिया है। डीएम की अनुमति के बाद नाबालिग के शव को जमीन से निकाला गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के पेट में 16 सप्ताह का गर्भ होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस की पड़ताल में किशोरी की हत्या में पिता को ही संलिप्त माना गया था। इसलिए पुलिस ने हत्या के आरोप में नाबालिग के पिता को गिरफ्तार किया था।