बागेश्वर। सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत डीएम आशीष भटगांई ने बैगांव-कालरौ के राइंका सलानी में रात्रि चौपाल लगाई। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। अधिकारियों को शिविर में दर्ज शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बुधवार रात एक घंटे तक चली रात्रि चौपाल में क्षेत्रवासियों ने बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार आदि की 28 शिकायतें दर्ज कराईं। दाड़िमखेत के ग्रामीणों ने खेतों की बाढ़ से सुरक्षा, बिजली के झूलते तार, जर्जर पोल, लावारिश जानवरों के लिए गोशाला निर्माण, चेक डैम निर्माण की की मांग रखी। बैगांव-कालरौ और नेकाना खुमटिया के ग्रामीणों ने पेयजल संकट, बैगांव में बारिश के दौरान आवासीय भवनों में सड़क का पानी घुसने की शिकायत दर्ज कराई। सलानी के लोगों ने विद्यालय में एनसीसी खुलवाने की मांग की।
डीएम भटगांई ने सीईओ, जल संस्थान, सिंचाई और बिजली विभागों को समस्याओं का जल्द निदान करने को कहा। बिजली विभाग को शिविर लगाकर बिल संबंधी समस्याएं और चिकित्सा विभाग को आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को यूसीसी के तहत विवाह पंजीकरण कराने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया। इस मौके पर एसडीएम प्रियंका रानी, डीडीओ संगीता आर्या, सीईओ जीएस सौन समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
दूसरी बार लगी जिले में रात्रि चौपाल
बागेश्वर। जिले में दूरस्थ गांव जाकर रात्रि चौपाल लगाने वाले आशीष भटगांई दूसरे डीएम है। इससे पूर्व 25 मार्च 2017 को तत्कालीन डीएम मंगेश घिल्डियाल ने काफलीगैर के बेदीबगड़ गांव में रात्रि चौपाल लगाई थी, जो 11 बजे रात तक चली थी। डीएम भटगांई ने बताया कि रात्रि कालीन चौपाल का अनुभव अच्छा रहा। लोगों को भी यह पसंद आया। ग्रामीणों का कहना था कि दिन के समय काम धंधे के कारण वह ऐसे आयोजन में नहीं आ पाते हैं। रात का समय अधिक लोग अपनी समस्या बता सकते हैं। बताया कि भविष्य में जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में भी रात्रि चौपाल लगाई जाएगी।