गंदगी के कारण अपने अस्तित्व को खो रही भागीरथी को बचाने के लिए कई लोग आगे आए हैं। रविवार को भागीरथी में वृहद सफाई अभियान चलाया गया। डीएम मंगेश घिल्डियाल और एडीएम एसएस जंगपांगी ने जागरूक लोगों के साथ स्वयं नाले में उतरकर कूड़ा साफ किया। बागेश्वर में सरयू-गोमती के पास त्रिवेणी संगम बनाने वाली भागीरथी को कूड़ाघर बना दिया है। भागीरथी को विलुप्त सरस्वती की संज्ञा भी दी गई है।
इस नाले में जमा गंदगी सीधे सरयू में प्रवाहित होती है। इसी जल से जहां लोग स्नान करते हैं वहीं भगवान बागनाथ का अभिषेक भी इसी जल से किया जाता है। अमर उजाला ने पवित्र भागीरथी नाले की दुर्दशा का मामला प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद नगर के कई जागरूक लोग आगे आए हैं। लोगों द्वारा डीएम को इस समस्या से अवगत कराने के बाद डीएम मंगेश घिल्डियाल ने भी भागीरथी की सफाई को लेकर पहल की है। रविवार को डीएम जागरूक लोगों के साथ स्वयं नाले में उतरे और सफाई की। इस अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी स्वच्छता में सहयोग दिया। डीएम ने कहा कि सभी के सहयोग से ही भागीरथी, सरयू, गोमती नदियों को साफ, स्वच्छ रखा जा सकता है। उन्होंने लोगों से कूड़ा कूूड़ेदानों में ही डालने का आह्वान किया। रविवार को हुए वृहद सफाई अभियान में भूपेश जोशी, आलोक पांडेय, गणेश दत्त, दीप जोशी, आरके पंत, शंकर पांडे, गोविंद प्रसाद, कमला नगरकोटी, संजय कुमार आदि ने सहयोग दिया।