शनिवार को दिन भर हुई बूंदाबांदी और ऊंची चोटियों में हिमपात के कारण पूरा बागेश्वर जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। रविवार को ठंड के कारण लोगों को अलाव जलाने पड़े। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शीत लहर भी चली। मार्च में जनवरी जैसी ठंड महसूस की गई।
शनिवार को दिन भर हुई बूंदाबांदी के बाद ऊंची चोटियों में जमकर हिमपात हुआ। शिखर सहित अन्य चोटियां रविवार की सुबह बर्फ से ढकी नजर आई। रविवार को सुबह करीब 11 बजे धूप के दर्शन हुए। इसके कुछ ही घंटे बाद फिर आसमान बादलों से ढक गया। ऊंची चोटियों में हिमपात, बारिश के कारण घाटी वाले क्षेत्रों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। रविवार की सुबह जनवरी जैसी ठंड महसूस की गई। ठंड से बचने के लिए लोगों को न केवल गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं बल्कि अलाव, हीटर का सहारा लेना पड़ रहा है। बागेश्वर घाटी में फरवरी माह से मौसम सामान्य हो जाता है। इस साल बारिश न होने से फरवरी में मौसम सामान्य बना रहा। मार्च पहले सप्ताह में तेज तपिश महसूस होने लगी थी। अधिकांश लोगों ने गर्म कपड़े छोड़ दिए थे लेकिन बारिश होते ही यहां पर कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। कपकोट के ऊंचाई वाले बोरबलड़ा, कर्मी, बदियाकोट सहित अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों के गांवों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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बागेश्वर जिले में 11 और 12 मार्च को रिकॉर्ड की गई बारिश
11 मार्च को हुई वर्षा -
बागेश्वर - 10 एमएम
कपकोट - 10 एमएम
गरुड़ - 15 एमएम
12 मार्च को हुई वर्षा -
बागेश्वर- 4 एमएम
कपकोट - 2.50 एमएम
गरुड़ - 5 एमएम