बैठक में बैंकर्स को संबोधित करती डीएम रंजना।
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जिलाधिकारी रंजना ने जिला स्तरीय पुनरीक्षण और सह जिला सलाहकार एवं समन्वय समिति की बैठक में ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकर्स तथा विभागीय अधिकारियों को सामंजस्य स्थापित कर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा।
जिलाधिकारी ने वार्षिक ऋण योजना की क्षेत्रवार समीक्षा की। फसली ऋण क्षेत्र में इंडियन ओवरसीज बैंक तथा बैंक आफ इंडिया द्वारा संतोषजनक वित्तपोषण नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि हासिल करने को कहा।
ऋण जमा अनुपात की धीमी प्रगति पर उन्हाेंने ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए विभागों और बैंकों के बीच अधिक से अधिक तालमेल स्थापित करने को कहा। बैंक बकाया वसूली पर विचार विमर्श करते हुए सभी शाखा प्रबंधकों को लंबित वसूली प्रमाण पत्रों का तहसील से मिलान कर अग्रणी बैंक अधिकारी को सूचित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स एवं विभागीय अधिकारियों को आपसी सहयोग स्थापित कर कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए खातों को आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर से जोड़ने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एसएसएस पांगती, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, महाप्रबंधक उद्योग बीसी पाठक, सहायक खंड विकास अधिकारी कपकोट गंगा गिरी गोस्वामी, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी केएस कमर्याल सहित बैंक प्रबंधक व विभागीय अधिकारी थे।