बैठक लेते डीएम मंगेश घिल्डियाल।
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लीड बैंक एवं भारतीय स्टेट बैंक के तत्वाधान में जिला स्तरीय पुनरीक्षण तथा सह जिला सलाहकार एवं समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर फसली ऋण योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक आफ इंडिया द्वारा संतोषजनक वित्तपोषण नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए निर्धारित लक्ष्य की उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा।
विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कृषि मियादी ऋण योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए असंतोषजनक उपलब्धि पर इस क्षेत्र में विशेष प्रयास करने पर जोर दिया। लघु उद्योग एवं सेवा व्यवसाय क्षेत्र में लक्ष्य के सापेक्ष संतोषजनक कार्य पाया गया। डीएम ने बैंकर्स से और अधिक प्रयास करने को कहा।उन्होंने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, नैनीताल, यूको बैंक को लक्ष्य के सापेक्ष कम उपलब्धि को निराशाजनक बताया।
ऋण जमा अनुपात की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के सापेक्ष धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए विभागों और बैंकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने को कहा। डीएम ने जिले में शाखा प्रसार के संबंध में भी जानकारी ली। बताया गया कि दो हजार से कम जनसंख्या वाले 448 गांवों में बैंक मित्र द्वारा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लीड बैंक अधिकारी आरएस रावत ने बताया कि वार्षिक ऋण योजना में निर्धारित लक्ष्य 145.04 के सापेक्ष 100.14 करोड़ का वित्त पोषण किया गया। बैंकों का ऋण जमा अनुपात दिसंबर माह तक 22 प्रतिशत ही रहा। बैठक में डीडीओ केएन तिवारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी बीएन पांडेय सहित सभी बैंकों के अधिकारी मौजूद थे।