बागेश्वर। सहालग सीजन में जिला मुख्यालय में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजने से परीक्षार्थियों, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी हो रही है, जबकि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। नियमों के अनुसार रात 10 बजे के बाद रिहायशी इलाकों में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि प्रतिबंधित है। वहीं शादी-विवाह के कार्यक्रमों में डीजे 100 डेसिबल तक की आवाज में बज रहा है। यह शोर देर रात 12 बजे तक भी जारी रहता है। उत्तराखंड और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। इसके चलते छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
परीक्षार्थियों ने बताया कि तेज आवाज के कारण वे रात में पढ़ नहीं पा रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी इसका विपरीत असर पड़ रहा है। नगर के लगभग सभी वार्डों में यह स्थिति बनी हुई है लेकिन नियमों का पालन कराने वाली पुलिस इसे रोकने का प्रयास नहीं कर रही है।
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रात को 10 बजे बाद डीजे या तेज ध्वनि में संगीत बजाना वर्जित है। पुलिस टीम को गश्त करते हुए तेज ध्वनि से देर रात तक डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अजय लाल साह, सीओ बागेश्वर