बागेश्वर। जिला पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर जिला पंचायत सदस्यों की तल्खी बढ़ती जा रही है। सदस्यों ने उनके क्षेत्रों में समान रूप से धनराशि वितरित न करने समेत तमाम मुद्दों को लेकर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) का न केवल घेराव किया। सदस्यों ने जिपं परिसर में धरना देकर विकास कार्यों के लिए निर्गत 55 प्रतिशत राशि का तीन दिन के भीतर वितरण न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है। सदस्यों के समर्थन में जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार और कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण भी खुलकर सामने आए हैं।
मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह खेतवाल, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, रूपा देवी, इंद्रा परिहार आदि ने बजट आवंटन के मुद्दे पर अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुनील कुमार का घेराव किया। सदस्यों ने उन्हें डीएम को दिए ज्ञापन की प्रति सौंपी और कहा कि जिला पंचायत के 55 प्रतिशत बजट को जिला पंचायत अध्यक्ष मनमाने ढंग से बांट रही हैं। इसके बाद सदस्य नारेबाजी करते हुए जिला पंचायत परिसर में ही धरने पर बैठ गए। सदस्यों ने डीएम और एएमए को सौंपे ज्ञापन में 55 प्रतिशत बजट का तीन दिन के भीतर आवंटन न होने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि जिला पंचायत में मनमाने ढंग से कार्य हो रहा है। 55 प्रतिशत बजट पर कुंडली मार दी जा रही है। सदस्यों से भेनदभाव किया जा रहा है। विपक्षी सदस्यों के क्षेत्रों को बजट आवंटित नहीं किया जा रहा है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
इस संबंध में एएमए डॉ. सुनील कुमार का कहना था कि जिपं अध्यक्ष के स्तर का मामला है। जो भी बजट सदन में पास हुआ है, उसी के अनुरूप आवंटन हुआ है। इस मामले में जिपं अध्यक्ष बसंती देव का कहना है कि बजट जिला पंचायत की बैठकों में पास हुआ है। आरोप निराधार हैं।