पिछले कुछ वर्षों से हर बरसात में घांघली नदी किनारे बसे गांवों में कृषि भूमि के हो रहे कटाव को लेकर चलाई गई अमर उजाला की मुहिम रंग लाई है।
शासन ने घांघली के किनारे तटबंध बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में तीन करोड़ 25 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। निर्माण एजेंसी सिंचाई विभाग ने मार्च के दूसरे सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है।
घांघली घाटी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की कृषि भूमि के लगातार नहीं में हो रहे कटाव और ग्रामीणों की समस्याओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से सीरीज के रूप में प्रकाशित किया था। इसके तहत नौगांव, पप्या, बूंगा, अमस्यारी, मवई, पप्या, कोटयूड़ा, घेटी, ग्वाड़ पजेना आदि गांवों के ग्रामीणों की समस्याएं उठाई गई थीं।
सिचाई विभाग बागेश्वर ने घांघली से नौगांव गांव के बीच नदी के किनारे तटबंध निर्माण को 10.34 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। जिस पर कार्यवाही करते हुए शासन से घांघली नदी के किनारे तटबंध निर्माण के लिए तीन करोड़ 25 लाख रुपये की पहली किस्त सिंचाई विभाग को रिलीज कर दी गई है।
सिंचाई विभाग के ईई बीसी कर्नाटक ने बताया कि तटबंध निर्माण की पहली किस्त विभाग को मिल गई है। निर्माण कार्य मार्च से शुरू करने की विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग के एई बीसी नैनवाल ने बताया कि एक तटबंध निर्माण में करीब चार लाख रुपये का खर्च आता है।
उन्होंने बताया कि तटबंध निर्माण का कार्य शुरू कराने से पहले वह स्वयं नदी का मुआयना करेंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में राज्य सेक्टर मद से नौगांव, बूंगा, अमस्यारी, मवई गांव में 40 लाख रुपये की लागत से विभाग ने चेकडैमों का निर्माण किया था। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा निर्मित चेकडैम कटाव से बहे नहीं, बल्कि कुछ तिरछे हो गए हैं। वहीं ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण ने धन रिलीज करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया है।
ग्रामीणों ने जताया अमर उजाला आभार
गरुड़ (बागेश्वर)। घांधली
घाटी के ग्रामीणों ने नदी के किनारे तटबंध निर्माण के लिए धन स्वीकृत होने
पर अमर उजाला को धन्यवाद कहा। नौगांव के प्रधान हरीश तुलेरा, त्रिलोक
बुटौला, हरचन सिंह भंडारी, बलंवत सिंह परिहार, कैलाश परिहार, प्रमोद परिहार
निवासी मवई,उमा शंकर, मदन मोहन निवासी अमस्यारी आदि ने कहा कि यह समस्या
कई वर्षों से चल रही थी। अमर उजाला ने गंभीरता से हमारी समस्या को उठाकर
कुछ ही दिनों में समस्या का समाधान कराने में अभूतपूर्व सहयोग दिया।
तटबंध निर्माण में नाबार्ड का धन होगा खर्च
तटबंध निर्माण में नाबार्ड का धन व्यय किया जाएगा। तटबंध बनने से घांघली नदी से हो रहा पूरी तरह रुक जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व विभाग घांघली घाटी के लोगों से भी सुझाव मांगेगा।
- बीसी कर्नाटक, ईई, सिंचाई विभाग।
तटबंध निर्माण के लिए धन रिलीज होने की बहुत खुशी जाहिर की है। घाटी से सटे इन गांवों में कृषि भूमि का कटाव बहुत बड़ी समस्या थी। तटबंध निर्माण के लिए धन स्वीकृत होना को घाटी के लोगों के संघर्ष और जागरूकता की जीत है। इस मुहिम को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने के लिए हम सभी अमर उजाला के आभारी हैं।
त्रिलोक बुटौला, पूर्व क्षेपं सदस्य, नौगांव।
- त्रिलोक बुटौला।
घांघली नदी के किनारे तटबंध निर्माण के लिए धन स्वीकृत करने के लिए सीएम हरीश रावत का आभार जताते हैं। अमर उजाला के भी आभारी हैं, जिसने समस्याओं को गंभीरता से उठाया।
- देवेंद्र परिहार, जिपं उपाध्यक्ष।