फसली बीमा योजना के संबंध में बैठक लेती डीएम।
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डीएम जिलाधिकारी रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक हुई। इसमें आरसेटी के माध्यम से ग्रामीण रोजगार को बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थ व्यवस्था में सुधार लाने के साथ ही पलायन पर रोक लगाने पर चर्चा की गई।
डीएम ने कहा कि आरसेटी के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना और प्रशिक्षण देना है। संस्थान को यह प्रयास करना चाहिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। डीएम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर आदि ट्रेडों को भी शामिल करने के निर्देश दिए।
एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक कश्मीर साहनी ने बताया कि संस्थान द्वारा इस त्रैमास में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 147 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 4076 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। किसानों, ग्रामीण, हस्तशिल्पियों, एवं बेरोजगार युवकों को सम्बन्धित व्यवसाय हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को मिले
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक में डीएम रंजना राजगुरु ने मुख्य कृषि अधिकारी को किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए कृषि न्याय पंचायत प्रभारियों और कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों को निर्देशित करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि इसका लाभ किसानों को अवश्य मिलना चाहिए।
मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्या ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केएन तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उदय शंकर आदि मौजूद थे।