बागेश्वर-पिंडारी सड़क के हरसीला में भरा मलबा।
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जिले में बारिश से तबाही का सिलसिला अभी नहीं है। भारी बारिश की मार से जिले में 11 सड़कें बंद हो गई। इससे आवाजाही पर निर्भर 40 हजार की आबादी की मुश्किलें बढ़ गई है। ग्रामीणों को कई किमी पैदल दूरी भी नापनी पड़ रही है। गर्भवती महिलाओं और रोगियों को डोली में लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। दूसरी ओर भारी बारिश के चलते जिले में चार और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से तीन मकानों में भारी नुकसान हुआ।
मंगलवार को सड़कों पर जगह-जगह मलबे के पहाड़ आ गए। सड़कों का बड़ा हिस्सा बारिश के पानी के साथ बह गया। तीन दिन से बंद भयू-गडेरा, कपकोट-दूणी मोटर मार्ग से क्षेत्र में जरूरी सामानों की किल्लत हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र गढ़िया, पूर्व उपप्रधान महिमन कपकोटी ने सड़क जल्द सुचारु करने की मांग की है।
इधर, सोमवार देर रात बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग में घुनाड़ी और हरसिला के पास भारी मलबा आ गया। मंगलवार सुबह से सड़क पर यातायात बाधित रहा। पूर्व जिपं अध्यक्ष विक्रम शाही की सूचना पर कार्यदायी संस्था ने जेसीबी लगाकर दोपहर 12 बजे सड़क खोली।
इससे पहले इन सड़कों पर सैकड़ों यात्री घंटों तक फंसे रहे। तमाम यात्रियों को पैदल चलकर और वाहन बदलकर सफर करना पड़ा। इसके अलावा कांडापड़ाव-रावतसेरा-धपोलासेरा, पय्या-मटे-तिलसारी मार्ग भी मलबा आने से घंटों बाधित रहा।
सोमवार की बारिश के बीच बागेश्वर तहसील के जौलकांडे गांव में गोकुलानंद, काफलीगैर तहसील के छानी गांव में जगजीवन राम का मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। इसी गांव में नाथ लाल के मकान को हल्का नुकसान हुआ। कपकोट तहसील के बड़ेत गांव में राजेंद्र चंद्र के मकान को भारी नुकसान पहुंचा। नुकसान के बीच प्रभावित ग्रामीण क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों में ही रहने को मजबूर हैं। आपदा की सूचना पर राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया।
जिले के बंद मोटर मार्ग
कपकोट-पिंडारी
भयू-गडेरा
कपकोट-पोलिंग
भयू-गुलेर
पोथिंग-सुकुंडा
पोथिंग-शोभाकुंड
हरसिला-पुड़कुनी
कपकोट-कर्मी
लीली-गैनार
पोथिंग मोटर मार्ग
कपकोट-दूणी