बागेश्वर। पीएमजीएसवाई को छह सड़कों के निर्माण कार्य के दौरान क्षतिपूरक पौधरोपण (एनसीबी) के करीब सात करोड़ रुपये तीन माह के बाद भी नहीं मिल पाए है। राशि लंबित होने के पीछे सरकार के पास कोरोना महामारी के चलते बजट की कमी होने की बात सामने आ रही है।
सड़क निर्माण के दौरान पेड़ काटने के बाद संबंधित विभाग वन विभाग को क्षतिपूरक पौधरोपण की राशि हस्तांतरित करता है। राशि को लेकर संबंधित विभाग शासन को बजट के लिए रिपोर्ट भेजता है, जिसके बाद शासन की ओर से बजट मुहैया कराया जाता है। पीएमजीएसवाई कपकोट डिवीजन के अंतर्गत छह सड़कों के निर्माण के दौरान कटे पेड़ों के करीब सात करोड़ रुपये तीन महीने के बाद भी शासन से अवमुक्त नहीं हो पाए हैं।
इन सड़कों में रिखाड़ी-वाछम-बदियाकोट से कुंवारी, रिखाड़ी-वाछम-बदियाकोट से बोरबलड़ा, बागेश्वर-कपकोट-तेजम से बड़ी पन्याली, सूपी-हरकोट, उंगिया-सोराग, पिंडारी ग्लेशियर-बड़ेत सड़क शामिल हैं। ईई अनिल कुमार का कहना है कि क्षतिपूरक पौधरोपण की राशि को लेकर शासन को तीन माह पहले रिपोर्ट भेज दी थी लेकिन शासन की ओर से राशि विभाग को हस्तांतरण नहीं हो पाई है।
आमतौर पर यह राशि करीब एक माह में अवमुक्त हो जाती है। राशि को लेकर शासन से पत्राचार किया जा रहा है। शासन की ओर से कोरोना काल में बजट की कमी को विलंब का कारण बताया जा रहा है। बताया कि शासन से राशि अवमुक्त होते ही वन विभाग को हस्तांतरित कर दी जाएगी।