आम बजट 2016 में शामिल जिला अस्पतालों में राष्ट्रीय डायलिसिस योजना ने स्वास्थ्य सुविधा विहीन पहाड़ के रोगियों के लिए उम्मीद जगाई है। यदि इस योजना का संचालन शुरू हुआ तो बागेश्वर जैसे दुरुह जनपदों के मरीजों को डायलिसिस के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर मैदान के अस्पतालों की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
मालूम हो कि पहाड़ के जिलों की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। इसका अंदाजा बागेश्वर के जिला अस्पताल की हालत से लगाया जा सकता है। यहां पर फिजीशियन, ईएनटी सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ सहित चिकित्सकों के कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं। जिले की ढाई लाख की आबादी से हर दिन सैकड़ों की संख्या में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को जांच तक के लिए अल्मोड़ा या फिर हल्द्वानी जाना पड़ता है।
ऐसे में इस जिला अस्पताल में डायलिसिस जैसी सुविधाएं तो जनपदवासियों के लिए सपने की तरह है। डायलिसिस के लिए मरीजों को हल्द्वानी, देहरादून जाने को मजबूर होना पड़ता है। इन हालातों में कई मरीजों को समय पर उपचार ही नहीं मिल पाता है, परंतु सोमवार को पेश हुए केंद्रीय बजट ने इस उपेक्षित जिला अस्पताल में भी डायलिसिस सुविधा की उम्मीद जगाई है।
बजट के अनुसार हर जिला अस्पतालों में राष्ट्रीय डायलिसिस योजना की शुरुआत की जाएगी। जिला अस्पताल में राष्ट्रीय डायलिसिस योजना की शुरुआत होने के बाद यहां के रोगियों को फिर मैदान की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।